क्रॉसड्रेसर – एक कविता

कुछ काम मैंने औरतों की तरह किए
कुछ नहीं, कई
और फिर धीरे-धीरे, सारे

सबसे आखिर में जब मैं लिखने बैठा
मैंने कमर सीधी खड़ी करके
पंजों और ऐड़ियों को सीध में रखकर बैठना सीखा
इससे कूल्हों को जगह मिली
और पेट को आराम
उसने बाहर की तरफ जोर लगाना बन्द कर दिया

अब मैं अपने शफ़्फाफ नाखूनों को
आइने की तरह देख कसता था
और उँगलियों को
जो अब वनस्पति जगत का हिस्सा लग रही थीं

नहीं, मुझे फिर से शुरू करने दें
मैंने पहले औरतों को देखा
उनकी खुशबू को उनकी आभा को
जो उनके उठकर चले जाने के बाद कुछ देर
वहीं रह जाती थी
उनके कपड़ों को
जिनमें वे बिलकुल अलग दिखती थीं
मैंने बहुत सारी सुन्दर लड़कियों को देखा, और उनसे नहीं
उनके आसपास होते रहने को प्यार किया

और फिर धीरे-धीरे नाखून पॉलिश को
लिपस्टिक को
पायल को
कंगन को
गलहार को
कमरबन्द को
और ऊँची ऐड़ी वाले सैंडिल को

उन तमाम चीजों को जो सिर्फ औरतों की थीं
और जो उन्हें मर्दों के अलावा बनाती थीं
मर्द जो मुझे नहीं पता किसलिए
बदसूरती को ताकत का बाना कहता था
और ताकत को देह का धर्म

मैंने बहुत सारे मर्दों को देखा
जब मेरे पास देखने के लिए सिर्फ वही रह गए थे
वे मोटरसाइकिल चला रहे थे
जो तीर की तरह तुम्हारे भीतर से निकलती थी
वे कविता भी लिख रहे थे
और उसे भी कुछ दिन बाद मोटरसाइकिल की तरह चलाने लगते थे
वे हर जगह कुछ न कुछ चलाते थे
जैसे सम्भोग में शिश्न को और दुनिया में हुकूमत को 

मैंने उन्हें खूब देखा
जब वे बलात्कार कर रहे थे
गर्भ चीर रहे थे
ओठों और योनियों को भालों से दो फाड़ कर रहे थे

मैंने उन्हें औरत होकर देखा
डरकर सहमते चुप रहते हुए
और उनके मामूलीपन को जानकर भी
कुछ न कहते हुए।

नहीं, मैं फिर भटक गया
मुझे मर्दों की बात ही नहीं करनी थी
मुझे थोड़े कम मर्दों की बात करनी थी
जैसा मैं था
और वे तमाम और जो मेरे जैसे थे

मुझे उनकी बात करनी थी
जो अपने मर्द होने से उकता उठे थे
मर्दानगी के ठसके पर जिन्हें मन्द-मन्द औरताना हँसी आने लगी थी
जो औरतों की सुन्दरता के शिकार हो गए थे
प्रेमी नहीं

उन्होंने उस सुन्दरता को ओढ़ लेना चाहा
अपने काँटों-कैक्टसों के ऊपर,
उन्होंने अपने कोनों को घिसा, गोल किया
और उन पर रंग लगाए अलग-अलग कई कई
और ध्वनियाँ कर्णप्रिय रूणुन-झुणुन और कणन-मणन।

मैंने एक स्कर्ट खरीदी जो कानों में कुछ कहती थी
एक साड़ी जिसका न आर था, न पार
एक जोड़ा रेशम के गुच्छे
जिनमें वे अपना गोपनीय रखती थीं

मैं यहीं रुक जाता अगर मुझे आगे रास्ता न दिखता
पर वहाँ एक राह थी जो आगे जाती थी
वहाँ जहाँ स्त्री थी
किसी दिन यूँ ही भूख की पस्ती में
वह मुझे अपने भीतर से आती लगी

फिर इसी तरह जब मैं बेमकसद घूमने निकल गया
और शहर की आपाधापी में जा फँसा
मुझे वापस अपने पीछे कहीं दूर अँधेरे के बाद एक उजास सी लगी
हालाँकि भीड़ इतनी थी कि मैं गर्दन घुमा नहीं सकता था।

वह मुझे दिखी
जिस सुबह मैं देर तक सिगरेट पीना भूला रहा
और रक्त बिना मुझे बताए
मेरी शिराओं को जगाने मेरे स्नायुओं को जिलाने लगा
मैंने अचानक टाँगें महसूस की
जो अन्यथा धुँए की गर्द में गुम रहती थीं
और मैं जानता नहीं था कि वे मेरे लिए क्या करती है।

लेकिन फिर एक दिन
घबराकर मैंने सिगरेट पी
और दफतर चला गया

यह अंत था
या शायद नहीं
फिर भी एक बार के लिए इतना औरत होना काफी था।

Shaheer Sheikh in Mahabharat ( Crossdressing as Women)

Shaheer Sheikh in Mahabharat
A person’s pride knows no boundaries, especially if you are one of the greatest archers of all time. Dhanurdari Arjun of Mahabharat had to be a eunuch during the last year of Pandavas’ exile. And our handsome Shaheer Sheikh carried off the character named Brihannala perfectly, by cross-dressing as a woman in the Star Plus’ magnum opus show Mahabharat. He walked, talked, covered the face and shied away like a woman. And when he danced, the actor was successful in bringing out the ferocity of a female who has faced injustice.

































Meet Anjali Ameer

Meet Anjali Aeet


मलयालम सुपरस्टार ममूटी जल्दी ही अपनी फिल्म में को-स्टार अंजलि अमीर को इंट्रोड्यूस करने जा रहे हैं। अंजलि ट्रांससेक्सुशल मॉडल हैं और इस फिल्म में फीमेल लीड रोल प्ले करेंगी। तमिल और मलयालम फिल्मों के डायरेक्टर राम की यह फिल्म अगले साल तक रिलीज होगी। फिल्म के तमिल वर्जन का टाइटल 'पेरन्बु' है, जबकि मलयालम फिल्म का टाइटल अभी फाइनल नहीं हुआ है। 20 साल की उम्र में अंजलि ने कराया सेक्स चेंज...


मॉडल से एक्ट्रेस बनी अंजलि ने 20 साल की उम्र में सेक्स चेंज सर्जरी कराई। अंजलि का जन्म केरल के कोझिकोड शहर में एक ऑर्थोडॉक्स मुस्लिम फैमिली में हुआ। अंजलि के जन्म के कुछ साल बाद मां की मौत हो गई। बाद में पिता भी नहीं रहे। अंजलि के मुताबिक, उसे हमेशा से फेमिनाइन (स्त्रीत्व) का अहसास होता था और वो लड़की बनना चाहती थी। 

ट्रांसजेंडर कम्युनिटीज के बीच अंजलि ने गुजारे कई साल...

- 10वीं क्लास की पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने सोच लिया था कि मुझे अपनी सेक्स चेंज सर्जरी कराना है। 
- हालांकि शुरुआत में यह मेरी फैमिली के लिए एक्सेप्टेबल (स्वीकार्य) नहीं था। ऐसे में मैंने अपना घर छोड़ दिया। 
- मैं कोयम्बटूर और बेंगलुरु में कई सालों तक ट्रांसजेंडर कम्युनिटीज के बीच रही। वो मेरे लिए काफी स्ट्रगल के दिन रहे।

बाद में मेरी फैमिली ने मुझे एक्सेप्ट किया...

- बाद में मुझे मेरी फैमिली ने वैसे ही स्वीकार किया जैसी मैं हूं। वो मुझे सपोर्ट करने लगे और मेरी स्ट्रेन्थ बन गए। 
- एक्टिंग मेरे लिए शुरू से ही पैशन था। जब मैं छोटी थी तो यूथ फेस्टिवल में पार्टिसिपेट करती थी। मुझे लगता था कि एक्टिंग से ही सही मायनों में मेरी पर्सनैलिटी निखर कर सामने आएगी।


ट्रांससेक्शुअल होने की वजह से मुझे टीवी शो से निकाला...

- मॉडलिंग के शुरुआती दिनों में बहुत सारे लोग, यहां तक कि मैनेजर भी नहीं जानता था कि मैं ट्रांससेक्शुअल हूं। हालांकि जब बाद में पता चला तो मुझे टीवी शो से बाहर निकाल दिया गया था। 
- इसके बाद मैंने फैसला किया कि मैं अपनी सेक्सुअलिटी को रिवील करूंगी। मैं लोगों को बताऊंगी कि मुझे ट्रांससेक्सुअल होने पर गर्व है। मैं लोगों को बताऊंगी कि मैंने सेक्स चेंज कराया है। मैं कोई ट्रांसजेंडर नहीं हूं।

बतौर आर्टिस्ट पहचान बनाना चाहती हूं : अंजलि

- अंजलि के मुताबिक, मैं बतौर आर्टिस्ट अपनी पहचान बनाना चाहती हूं, न कि ट्रांससेक्शुअल आर्टिस्ट।
- जब लोग ममूटी को मेल आर्टिस्ट नहीं कहते, काव्या माधवन को फीमेल आर्टिस्ट नहीं कहते तो फिर मुझे ट्रांससेक्शुअल आर्टिस्ट क्यों कहा जाना चाहिए। मैं भी चाहती हूं कि लोग मुझे बतौर आर्टिस्ट ही पहचानें।

तमिल और तेलुगु फिल्मों से भी है ऑफर...
- अंजलि का कहना है कि मलयालम के बाद उन्हें तमिल और तेलुगु फिल्मों से भी ऑफर है। इसके अलावा अगर मुझे बॉलीवुड से अच्छे रोल ऑफर हुए तो मैं वहां भी काम करूंगी।

ममूटी ने ही डायरेक्टर को मेरा नाम बदलने की सलाह दी...

अंजलि ममूटी के साथ फिल्म को लेकर काफी एक्साइटेड भी है। अपने एक्सपीरियंस शेयर करते हुए अंजलि ने एक इंटरव्यू में बताया कि ममूटी ने ही डायरेक्टर राम को उसका नाम अंजलि रखने की सलाह दी।

ममूटी और डायरेक्टर राम के साथ करने का शानदार एक्सपीरियंस...
ममूटी के साथ फिल्म को लेकर अंजलि ने कहा- उनके और डायरेक्टर राम के साथ काम करने का शानदार एक्सपीरियंस रहा। शुरुआत में मैं थोड़ा नर्वस थी, लेकिन ममूटी ने शूटिंग के दौरान मुझे काफी इनकरेज और सपोर्ट किया।

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